Skip to content

मारुती के मजदूरों की तरफ से गुडगाँव-मानेसर-धारूहेड़ा-बावल के मज़दूर साथियों को अपील

July 10, 2013
tags:

साथियों,

हमारे आन्दोलन के बीते दो सालों में, 4 जून 2011 से शुरू हो कर अब तक, हम अनेकों बार अपनी समस्याएं और अपने विचार ले कर आपके बीच आएं हैं| गुडगाँव-मानेसर-धारूहेड़ा-बावल में चल रहे मजदूरों के शोषण, यहाँ प्रचिलित गैरकानूनी ठेका प्रथा, यौवन में ही मजदूरों की पीठ झुका देने वाला काम का दबाव और इस पूरे इलाके में नियमित रूप से चल रहे मजदूर अधिकारों के हनन ने ही हमारे आन्दोलन को जन्म दिया है| यह आपका ही समर्थन है, जिसके कारण आज हमारा आन्दोलन इतने लम्बे समय तक जारी रह सका है और मारुती सुजुकी जैसी शक्तिशाली बहुराष्ट्रीय कम्पनी के खिलाफ इतनी दूर तक पहुँच पाया है|

मारुती प्रबंधन द्वारा, 2011 में बनी हमारी एकता को तोड़ने की हर कोशिश के बावजूद हम फ़रवरी 2012 में अपनी यूनियन को स्थापित करने में सफल हुए और प्रबंधन को अपना सामूहिक मांगपत्र दिया| परन्तु, मारुती प्रबंधन ने हम मजदूरों की मूलतम मांगों को पूरा करने के बजाए, करोड़ों का घाटा मोल ले कर 18 जुलाई 2012 को रचे षड्यंत्र के तहत 2300 मजदूरों को कम्पनी से बहार करने के रास्ते को ज्यादा मुनासिब समझा| इनमें 546 स्थाई मजदूर भी थे, जिनहें कम्पनी ने बिना किसी नोटिस या घरेलु जांच के बर्ख़ास्त कर दिया| सरकार भी कम्पनी की इस सरासर अपराधिक कार्रवाई के खिलाफ कोई कदम न उठा कर, कम्पनी के पक्ष में ही खड़ी नज़र आई| हमारी एकता को पूरी तरह तोड़ने के लिए सरकार ने कम्पनी के निर्देश पर चुन–चुन कर हमारे 147 साथियों को जेल में डाला, जिनमें से कई घटना के दिन कम्पनी में मौजूद तक नहीं थे| इसी आधार पर, लम्बे संघर्ष के बाद स्थापित हुए हमारे यूनियन के सभी पदाधिकारियों को भी जेल में डाल दिया गया, ताकि हमारा यूनियन सदा के लिए ख़त्म हो जाए|

इस सबके बावजूद हमारी एकता बुलंद रही और अपने निर्दोष साथियों की रिहाई और कम्पनी में ससमान वापस लौटने के लिए पिछले एक साल में हमने निरंतर संघर्ष किया है| इस समय में हम हरियाणा राज्य के लगभग सभी मंत्रियों, यहाँ तक की मुख्यमंत्री के पास भी अनेकों बार जा चुके हैं और सरकार से 18 जुलाई की घटना के निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं| परन्तु हमारी सभी मांगों को नज़रअंदाज़ कर के सरकार ने हम पर और हमारे समर्थन में आए परिजनों और अन्य संगठनों पर ज़ोरदार दमन चलाया, लाठियां बरसाईं और हमारे अन्य 10 साथियों और समर्थकों को कैथल जेल में बंद कर दिया|

साथियों, यह दमन का सिलसिला हमारे आन्दोलन तक ही सीमित नहीं है| पिछले एक साल से IMT मानेसर में बने हालत हम सब की आखों के सामने हैं| आज पूरे मानेसर इलाके में किसी भी यूनियन को कोई भी धरना प्रदर्शन या जुलूस करने की अनुमति नहीं है| दमन के इस माहौल में हर कम्पनी में मालिक निडर हो कर मजदूरों का शोषण कर रहे हैं| 2011 में चले आन्दोलन के बाद मजदूरों को मिली कुछ राहतें भी आज पूरी तरह वापिस ले ली गईं हैं| मारुती के मानेसर प्लांट के अन्दर आज पूरे समय पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं| कम्पनी में 18 जुलाई से पहले की आधी मैनपवार के दम पर पहले से दुगना प्रोडक्शन करवाया जा रहा है| मजदूरों की तनख्वा में अगर थोड़ी बढ़ोतरी हुई है तो काम का बोझ भी उससे कई गुना ज्यादा बढ़ा है| गैरकानूनी ठेकाप्रथा को 2013 तक समाप्त कर देने का मारुती का वादा अब तक अधूरा है, बदलाव केवल यह हुआ है की अब मजदूर उन्हीं परिस्थितियों में काम करते हुए ठेका मजदूर ना कहला कर ‘कम्पनी कैजुअल’ कहलाते हैं| कम्पनी के अन्दर काम कर रहे हमारे भाईयों पर सदा ही प्रबंधन का दबाव बना रहता है| यह ही नहीं, सुजुकी के अन्य प्लांट, सुजुकी पावरट्रेन और सुजुकी मोटरसाइकिल में भी हालात बद से बदतर हो गए हैं और उनकी एकता तोड़ने के लिए उनके यूनियनों के नेतृत्वकारी साथियों को भी झूठे आधारों पर बर्ख़ास्त कर दिया गया है|      

साफ़ है कि हमारे आन्दोलन को तोड़ने के बहाने मालिक वर्ग और उनकी पक्षधर सरकार पूरे इलाके के मजदूर आन्दोलन को निर्णायक रूप से तोडना चाहती है ताकि आने वाले लम्बे समय तक इस पूरे क्षेत्र में किसी भी कम्पनी के मजदूर अपने अधिकारों के लिए आवाज़ ना उठा पाएं और ना ही अन्य मजदूर उनके समर्थन में आगे आने का साहस करें, जैसा की आपमें से कईयों ने 2011 में हमारे आन्दोलन के समर्थन में किया था| हमें इस बात का पूरा एहसास है| इसीलिए हमने 18 जुलाई के एक साल बीतने पर अपने आन्दोलन को फिर आपके बीच केन्द्रित करने का निर्णय लिया है| यह बीता एक साल हमारे 147 भाईयों के लिए जेल में व्यर्थ बीता एक साल है| उनके परिवारों, पत्नी, बच्चों और बूढ़े माता पिता के लिए उनके लिए वियोग में बिताया एक साल है| बाहर आन्दोलन कर रहे हम लोगों के लिए यह अथक परिश्रम और भारी दमन का एक साल है| मानेसर के अन्य मजदूरों के लिए, यह बन्दूक की नाली के साए में बहाए पसीने का एक वर्ष है| एक शब्द में कहें, तो यह हम सबके लिए घोर संघर्ष का एक वर्ष रहा है| संघर्ष के इस एक वर्ष की समाप्ति पर हमने अपने आन्दोलन को एक नए पड़ाव तक ले जाने का फैसला किया है| आपके पूर्ण सहियोग के बिना हमारे लिए ऐसा करना संभव नहीं है| हमारे आन्दोलन ने हमेशा ही आप सभी मजदूर भाईयों के समर्थन से ही साहस पाया है और इसीलिए आज के इस निर्णायक मौके पर हम एक आपसे एक बार फिर आपके पूरे समर्थन की अपील कर रहे हैं|        

  1. जेल में बंद सभी मजदूरों और आन्दोलनकारियों को फ़ौरन बिना शर्त रिहा करो!
  2. मारुती सुजुकी, सुजुकी पावरट्रेन और सुजुकी मोटरसाईकल के सभी बर्खास्त मजदूरों को फ़ौरन काम पर वापस लो!

 

18 जुलाई, सुबह 11 बजे से,

ताऊ देवीलाल पार्क, IMT मानेसर

 

मारुती सुजुकी वर्कर्स यूनियन

प्रोविजनल कमेटी, मारुती सुजुकी वर्कर्स यूनियन द्वारा प्रकाशित

No comments yet

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: