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गुडगाँव और कैथल जेल में बंद सभी मजदूरों और आन्दोलनकारियों को फ़ौरन बिना शर्त रिहा करो!मारुती सुजुकी, सुजुकी पावरट्रेन और सुजुकी मोटरसाईकल के सभी बर्खास्त मजदूरों को फ़ौरन काम पर वापस लो!

July 10, 2013

साथियों, 

18 जुलाई 2012 को मारुति सुजुकी कम्पनी में प्रबंधन द्वारा रचे एक षड्यंत्र के तहत 546 स्थाई मजदूर सहित हमारे 2300 साथियों को बिना जांच या नोटिस, काम से बाहर कर दिया गया| झूठे मुकद्दमों के तहत हमारे 147 भाईयों को जेल में डाल दिया गया| हमने कैथल में 57 दिन धरना दिया और हमारे 4 साथी 8 दिन आमरण अनशन पर बैठे रहे| जब 19 मई को हम अपने जेल में बंद 147 लड़कों की रिहाई के लिए उद्योग मंत्री सुरजेवाला के पास अपने परिवार सहित शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने गए तो हम और हमारे परिवारवालों पर बेरहम लाठियां बरसाई गईं| सरकार ने 11 लोगों सहित 3 महिलाओं पर 307 का मुकद्दमा लगा दिया और अब एक साल से कैद 147 साथियों के अतिरिक्त हमारे और 10 साथी भी जेल में है|

इसके साथ ही पूरे मानेसर औद्योगिक इलाके में आज हर कम्पनी में मजदूरों का बेहिसाब शोषण जारी है| देश की नामी गाड़ी बनाने वाली कम्पनी, सुजुकी के अन्य कंपनियों में भी प्रबंधन मजदूरों के साथ मनमाना बर्ताव कर रही है और उनकी सभी जनतांत्रिक अधिकारों का निडर हो कर हनन कर रही है| इन कंपनियों में भी मजदूरों के पक्ष से बोलने वाले प्रतिनिधियों को काम से बर्ख़ास्त करके आम मजदूरों में भय का माहौल तैयार किया जा रहा है, ताकि वह अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज़ ना उठा सकें|

हमें नौकरी से निकाल दिया गया, जेलों में बंद कर दिया गया और वो भी उस केस में जो मारुती कम्पनी के मालिकों ने खुद रचा था, हम आप से पूछते हैं कि क्या यही इस देश का इंसाफ़ है? हम एक साल से सरकार से निष्पक्ष जांच के लिए याचनाएं कर रहें हैं, परन्तु सरकार ने उसके लिए भी माना कर दिया| अगर हम अपनी बहाली के लिए और झूठे केस में बंद लड़कों के लिए आवाज़ उठाते हैं या प्रदर्शन करते हैं तो यह गलत तो नहीं है| फिर भी सरकार व प्रशासन, कंपनी मालिक के साथ मिल कर हमें बदनाम करने में लगी हुई है| हमें हत्यारे और हिंसा करने वाले दिखा कर हमारे न्यायिक मांगों को दरकिनार किया जा रहा है| हम सब हरियाणा के गरीब किसान व गाँव के लड़के हैं जिन्हें सरकार द्वारा कंपनी मालिक से मिल कर, झूठे मुकद्दमे लगा कर जेल में डाल दिया गया व भारी संख्या में कंपनी से निकाल दिया गया है| एक साल से 147 लड़के जेल में बंद हैं जिनकी ज़मानत भी सरकार नहीं होने दे रही है| उनके परिवारवालों पर क्या बीत रही है इस पर भी सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है|

हम मेहनतकशों पर हो रहे यह शोषण व दमन का चक्र ही आज देश में चल रही विकास का असली चेहरा प्रतीत होता है| गरीब और मेहनतकश जनता जहाँ एक तरफ महंगाई की मार खा रही है वहीँ दूसरी ओर बेरोज़गारी की| इसी विकास के नाम पर आज देश भर में किसान कौड़ियों के मोल अपनी ज़मीन खो रहें हैं और मजदूर आधी अधूरी खुराक के लिए अपना पूरा जीवन और शरीर बर्बाद करके भी यहाँ लग रही बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में खटने को मजबूर है| वहीँ दूसरी ओर घूंसखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार जनता की सेवा और हित के बारे में सोचने की जगह, पूरी तरह बड़े पैसे वाले मालिकों की सेवा में लगी हुयी है| ऐसे में हमारे साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ या हमारे न्यूनतम संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना बहुत ही कठिन बनता जा रहा है| इन परिस्थितियों में जब हम मारुती मजदूरों ने कंपनी में चल रहे शोषण के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई तो बस मलिक ही नहीं, बल्कि सरकार और पूरी पुलिस प्रशासन को भी अपने विरुद्ध खड़ा पाया| हम और हमारे परिवार अनेकों कठिनाइयों का सामना करते हुए आज करीब दो साल से संघर्ष में जुटे हैं|

हम आम जनता से अपील करते हैं कि इस सरकार के रुख को पहचानें, जो इन बड़े मालिकों से मिलकर यह दमन चक्र चला रही है| पूरे समाज की उनत्ती के बारे में सोचने की जगह यह सरकार हरियाणा नं.1 के नारे लगा कर मात्र आम जनता का शोषण कर रही है| जनता को रोज़गार देने से तो दूर हमसे रोज़गार छीन रही है| आम जनता को सरकार के इन झूठे प्रलोभनों को पहचानना होगा और इस बेरोज़गारी व शोषणकारी नीति से बचना होगा| सरकार द्वारा अपनाया जा रहा यह रवैया केवल मारुती के मजदूरों और हमारे परिवारों तक सीमित नहीं, बल्कि आज समाज में मेहनत करके अपना घर चलाने वाली पूरी जनता के प्रति उनका रुख दर्शाता है| आज जो हमारे और हमारे परिवारों के साथ हुआ, वह कल किसी के भी साथ हो सकता है| इसलिए हमारी सभी मजदूरों, किसानो, युवाओं व महिलाओं से अपील है कि इस लडाई में हमारा सहयोग करें!

अनिश्चितकालीन धरना व भूख हड़ताल
18 जुलाई, सुबह 11 बजे, ताऊ देवीलाल पार्क, IMT मानेसर

मारुती सुजुकी वर्कर्स यूनियन 

प्रोविज़नल वर्किंग कमेटी, मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन द्वारा गुडगाँव से प्रकाशित

 

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