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18 जुलाई: संघर्ष का एक साल

June 27, 2013

MARUTI SUZUKI WORKERS UNION

Reg. No. 1923

IMT Manesar, Gurgaon

Ref. No. G/6/13                                                                                    Date: 23/06/2013

 

साथियों,

18 जुलाई को हमारे आन्दोलन के वर्तमान पड़ाव को एक साल हो जाएगा| शोषण और दमन के आग में तपते हुए इस एक साल में हमारा संघर्ष इस्पात बन कर उभरा है| जहाँ जून 2011 से पहले हम मुख्यतः मारुती सुजुकी प्रबंधन के मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्षरत थे, वहीँ पिछले एक साल में हमने खुद को, मालिकों की ढाल बनकर हमारी आवाज़ को दबाने में जुटे इस पूरे सरकारी तंत्र के खिलाफ लड़ते पाया है|

18 जुलाई, गुडगाँव जेल में कैद हमारे 147 भाईयों के लिए, सलाखों के पीछे बिताए जीवन की सालगिराह है, उच्च न्यायालय के द्वार खटखटाने के बाद भी जिनमें से एक को भी अब तक ज़मानत नहीं मिली है| यह, झूठे गैर-ज़मानती वारंटों के दंश से छिपते-छिपाते जीते, हमारे 66 अन्य भाईयों के भगोड़े जीवन की सालगिराह है| साथ ही यह, मज़दूर पक्षधर प्रबंधक श्री अवनीश कुमार देव की दुखद हत्या के षड्यंत्र के निरपेक्ष जांच के लिए हमारी सारी गुहारों के नज़रअंदाज़ किए जाने और सभी संवैधानिक आदर्शों के उल्लंघन में, हमें अपना पक्ष सामने रखने का मौका दिए बिना हमें मुजरिम और “अल्ट्रा” करार दिए जाने के चल रहे सिलसिले के एक साल को मापता है|

यह सालगिराह है, अन्याय और शोषण के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाने के लिए हममें से 2300 मजदूरों के बिना किसी जांच, काम से बर्ख़ास्तगी की| यह अपने न्यायिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की सज़ा में हजारों परिवारों को मिली आर्थिक और सामाजिक तबाही के एक साल के गुज़र जाने की यादगार है| जहाँ हमने अपने मांगों को उठाने के लिए सभी मुनासिब शांतिपूर्ण, संवैधानिक और जनतांत्रिक तरीकों को अपनाने की कोशिश की है, वहीँ यह दिन हमारे आन्दोलन के प्रति सरकार की बढ़ती असंवेदनशीलता, कठोरता और बढ़ते दमन का परिचय भी देता है|

पिछले एक साल में मानेसर में प्रशासन ने किसी भी मजदूर यूनियन या संगठन को एक बार भी धरना करने या परचा बाटने की अनुमति नहीं दी है, जबकि शांतिपूर्ण ढंग से की गयी ऐसी कोई भी कार्यवाही हमारे संवैधानिक हकों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है| मानेसर का पूरा क्षेत्र एक पुलिस छावनी में परिवर्तित कर दिया गया है जहाँ कि पूंजीपति, निर्भीक रूप से देश के सभी श्रम कानूनों के खुले उल्लंघन में मजदूरों का बेहिसाब शोषण कर रहे हैं| यह ना केवाल हमारे साथ हो रहे अन्याय को बरकरार रखने का एक तरीका है बल्कि इस क्षेत्र के सभी मजदूरों, ख़ास तौर से ठेका मजदूरों, के बेहिसाब शोषण की तैयारी है, जिसके खिलाफ आवाज़ उठाने की सजा हमें आज दी जा रही है| हमारे आन्दोलन पर हो रहे दमन के साए में आज सुजुकी के बाइक और इंजन (पॉवरट्रेन) प्लांटों में भी प्रबंधन मजदूरों के साथ मनमाना बर्ताव कर रही है|

कैथल में 8 दिन के भूख हड़ताल और 57 दिन के धरने के बाद 18-19 मई को पहले तो हममें से 111 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर हम पर और हमारे परिवारवालों पर क्रूरतम तरीके से लाठियां बरसाईं गईं| गिरफ्तार लोगों में से 10 मजदूर और ट्रेड यूनियन नेता और हमारे समर्थक अब तक जेल की सलाखों के पीछे हैं| और तो और आज सरकार का दमनकारी रवैया यहाँ तक आ पहुंचा है कि वह हमारे आन्दोलन को “जनहित के विरुद्ध” दर्शा कर हमें पूरे हरियाणा राज्य में कहीं भी अपना शांतिपूर्ण धरना पुनः आरंभ करने की जगह देने से इनकार कर रही है|

23 जून 2013 को गुडगाँव में हुई हमारी आम सभा में हमने अपनी यूनियन मारुती सुजुकी वर्कर्स यूनियन की तरफ से 18 जुलाई के इस दिवस पर ‘चलो मानेसर!’ का आह्वान देने का फैसला लिया है| प्रशासन के बहरे कानों तक अपनी आवाज़ पहुँचाने के लिए हम इस दिन से मानेसर में एक अनिश्चित-कालीन अनशन और धरने पर बैठेंगे| आने वाले पूरे महीने में हम पूरे हरियाणा प्रदेश में अपने मांगो को ले कर अभियान चलाएंगे और अपने संघर्ष को मानेसर के हमारे मजदूर भईयों और बहनों के बीच केन्द्रित करने की तैयारी करेंगे| हम सभी मजदूरों, मजदूर और ट्रेड यूनियन संगठनों और समाज के सभी प्रगतिशील हिस्सों को इस दिन मानेसर में हमारे साथ हमारे आन्दोलन में शामिल होने और देश-भर में इस दिवस पर समर्थन में कार्यक्रमों का आयोजन करने की अपील करते हैं|

मुख्यतः हमारी दो मांगे हैं:

  1. मारुति मानेसर प्लांट, मारुति सुजुकी पावरट्रेन प्लांट, सुजुकी मोटरसाईकल प्लांट से अवैध रूप से निष्कासित/बर्खास्त समस्त मज़दूरों की तत्काल कार्यबहाली हो |
  2. मारुति सुजुकी, मानेसर के सभी मज़दूरों पर से झूठे आपराधिक मुकदमे उठाए जाए और गिरफ्तार सभी मज़दूरों को बिना शर्त रिहा किया जाए और कैथल जेल में बंद आंदोलनकारियों को बिना शर्त रिहा किया जाये |

 

इंकिलाब जिंदाबाद!                                                 मजदूर एकता जिंदाबाद!

 

महाबीर, कटार, राजपाल, योगेश

(प्रोविजनल वर्किंग कमेटी)

मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन 

2 Comments leave one →
  1. Dr. Kavita permalink
    June 27, 2013 6:15 am

    we are always with you , may be it happen I am not physically present but I do my thing any another way like I try to raise your voice in public through Facebook or around my self also.I regularly read yr newsletter and post in facebook.

  2. Vinita permalink
    June 27, 2013 3:10 pm

    plz plz plz release all the workers from jail …………..

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