Skip to content

मानेसर से मेहसाना : एक खुला पत्र. .

June 24, 2013

[यह पत्र परचा के रूप में 18 जून 2013 को मेहसाना से गांधीनगर (गुजरात) के रैली व सम्मलेन में हमने बांटा| 4000 से भी अधिक किसान उस दिन रैली में आये इस नारे के साथ कि ‘जान देंगे, ज़मीन नहीं देंगे’| मारुति सुजुकी मेहसाना के हंसलपुर व विथ्लापुर में 511 व 5-600 एकड़ ज़मीन अधिग्रहण करने कि प्लानिंग कर रही हैं. .]

 

 

मानेसर से मेहसानाएक खुला पत्र
मारुति सुजुकी और सरकार की मिलीभगत द्वारा मेहनतकश जनता के ऊपर हमले के विरोध में आगे आओ. .

 

प्रिय साथियों,

हम मानेसर, हरियाणा में सुजुकी कम्पनी के तीन प्लांटों के मजदूर आज आपके समर्थन में आपके साथ अपने संघर्ष की कहानी बाटने यहाँ आए हैं| जैसा कि सरकार और पूंजीपति मिल कर आपके साथ छलावा कर रहे हैं, ऐसा ही इस मारुति सुजुकी कंपनी ने हरियाणा सरकार के साथ मिल कर 2005 में मानेसर में हरियाणा की मेहनतकश जनता के साथ किया था| आज मानेसर के मजदूर उसी ज़मीन पर दो वर्षों से उन्हीं पूंजीपतियों और उनकी दलाल सरकार के खिलाफ अपना आन्दोलन लड़ रहे हैं और उसी ज़मीन पर खड़े हो कर आज आपके नारों को बुलंद करने आए हैं|

हरियाणा की उपजाऊ धरती का एक महत्वपूर्ण भाग आज विकास के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में परिवर्तित किया जा रहा हैं| ‘विकास’ तो हुआ परन्तु इस विकास का कोई भी फल आम जनता तक नहीं पहुँचता दिखाई दे रहा है, उलटा इन इलाकों की आम जनता आज पूंजीपतियों की इन बड़ी कंपनियों में कोल्हू के बैल की तरह खटाई जा रही है| मानेसर में सरकार ने IMT बनाने के लिए 1,750 एकड़ जमीन अधिग्रहित कीया (633 एकड़ मारुति के लिए) और एक बहुत बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनाया| उन्होंने आश्वासन दिया कि जिनकी ज़मीन इन कारखानों में गयी है उनके परिवारों को रोज़गार दिया जाएगा| परन्तु जब कारखाने बन कर तैयार हुए तब परिवारों को रोज़गार तो नहीं दिया गया साथ ही ज़मीन पर चार दिवारी खड़ी कर के चार गाँव के लिए पार्क तक की जामीन नहीं छोड़ी गई और चार गाँव को चारों तरफ से कारखानों से कैद कर दिया| आज एक समय आत्मसम्मान से रोजगार कमाने वाले किसान पूरी तरह कम्पनी पर निर्भर जीवन जी रहे हैं|

सुजुकी के यह प्लांट भी इसी क्षेत्र में आते हैं| घोर परिश्रम के बाद सुजुकी के प्लांटो में रोज़गार मिलने पर हमारा इस कदर शोषण किया गया जैसा कोई पशुओं के साथ भी नहीं करता| हमारी यूनियने बनने के पहले हम मजदूरों को मात्र रु 3,300 प्रति माह वेतन दीया जाता था| जब हमने 2011 से अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठानी शुरू की तो पहले कम्पनी ने सरकार की मदद से हमारे आन्दोलन को तोड़ने की हर प्रकार की कोशिशें की, परन्तु इलाके के सभी मजदूर भाईयों के समर्थन और हमारी एकता के सामने उनकी यह सारी कोशिशें नाकाम रहीं| मजदूरों की एकता को तोड़ने के लिए कंपनी ने पुलिस और सरकार के साथ मिल कर मारुती के मानेसर प्लांट में 18 जुलाई 2012 को रचे गए एक षड्यंत्र में एक मनेजर की दुखद मौत के आरोप में मजदूरों को फंसा कर 150 जवान लड़कों को जेल में डाल दिया और साथ ही 2300 को बर्ख़ास्त कर दिया| सुजुकी बाईक प्लांट और सुजुकी पवारट्रेन में भी ऐसी ही दुर्नीति से आन्दोलन के नेत्रित्वाकारी साथियों को गैरकानूनी ढंग के बर्ख़ास्त कर दिया गया| और तो और, मानेसर प्लांट के निर्दोष मजदूरों पर संगीन अपराधिक धाराएं लगा कर उनकों जेल में सड़ने तथा उनके परिवार वालों को भूखा मरने के लिए छोड़ दिया| जब गाँव वालों और पंचायतों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई तो हमारे बूढ़े बुजुर्गों पर लाठियां बरसाई गयीं और पंचायतों पर सरकार द्वारा उनके विकास के लिए निर्धारित राशी को रोक देने का दबाव भी डाला गया| 11 महीने से जेल में सजा काटते यह वही लड़के हैं जिनके परिवार वालों की ज़मीन मारुती सुजुकी ने खरीदी थी और उन्हें रोज़गार के सुनहरे वादे किये थे, जिनके परिवार आज अपनी ज़मीन खो कर और अपने कमासुत लड़कों को जेल में पा कर भुखमरी से साए तले जीवन जीने को मजबूर हैं|

विकास के नाम पर विनाश का यही खेल आज यहाँ महसाना, गुजरात में आपके साथ खेला जा रहा है| यहाँ के लोगों को बहला फुसला कर सरकार व पूंजीपति आपकी सारी कृषि योग्य भूमि हथिया लेने के बाद भी अगर आवश्यकता पड़ी तो गाँव तक खाली करवाने में नहीं हिचकिचाएँगे| देखा गया है कि जहाँ जमीन की मोटी रकम भी मिली है वहां भी पैसे ख़त्म होने के बाद जनता रोज़गार के बिना भुखमरी की कगार पर खड़ी कर दी गयी है| रही बात रोज़गार की तो अपने लड़कों के साथ होते शोषण के खिलाफ आस-पास से गाँव वाले समर्थन में ना खड़े हों तथा मजदूर अपने संघर्ष में अपनी सामजिक ताकत का इस्तेमाल न कर सके इसे सुनिश्चित करने के लिए मारुती तथा अन्य बड़ी कम्पनियों ने स्थानीय लोगों को लेने के खिलाफ सख्त नीतिगत फैसला ले लिया है|

साथियों, आज गुजरात में ली जा रही ज़मीन का हवाला दे कर सुजुकी कम्पनी मानेसर में अपनी कम्पनी बंद करने और हमारे सभी साथियों को बेरोजगार करने की धमकियाँ दे रही है| हरियाणा के मजदूरों के शोषण के दम पर गुजरात के किसानों पर दमन करने जैसी नीतियां आज पूंजीपतियों और सरकारों के लिए सामान्य बन गयी हैं| ऐसे में सरकार और पूंजीपतियों की इस शोषण-दमन पर टिकी विनाश की नीति को हमें समझना होगा, और हमारे बच्चो और आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचना होगा| वर्त्तमान विकास की विनाशकारी ढांचे के खिलाफ हमारे संघर्षो के बीच एक नयी सर्वव्यापी एकता कायम करनी ज़रूरी है| इसी सोच से हम आपके आन्दोलन को अपने संघर्ष का एक हिस्सा मन्नते हुए अपने पूरी श्रधा से अपना समर्थन देते है|

 

मेहनतकशो की एकता जिंदाबाद!

 

प्रोविसोनल वर्किंग कमिटी- मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन (MSWU)

सुजुकी पावरट्रेन इंडिया एम्प्लाइज यूनियन (SPIEU)

सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया एम्प्लाइज यूनियन (SMIEU)

मानेसर, गुडगाँव, हरियाणा (18 जून 2013)

No comments yet

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: