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8 मई, जिला आयुक्त कार्यालय, कैथल के सामने विशाल प्रदर्शन और महापंचायत में शामिल हों!

May 7, 2013

साथियों,

जैसा कि आपको मालूम है, हम मारुति मज़दुर 24 अप्रैल से कैथल में हरियाणा के उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला के निर्वाचन क्षेत्र में धरने पर बैठे हुए हैं| 28 मार्च से हमारे 4 साथियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की| आस-पड़ोस के गावों से लेकर हरियाणा के दूरदराज के हिस्सों से भी भारी तादाद में आम जनता ने हमारा समर्थन किया| बढ़ते जन दबाव से मजबूर होकर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आखिरकार 3 मार्च को रणदीप सुरजेवाला की मध्यस्थता में हमारे प्रतिनिधियों से मुलाकात की| मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया कि वह मारुती प्रबंधन व श्रम विभाग को समस्या का शीघ्र समाधान करने का निर्देश देंगे| उनके आश्वासन के बाद हमारे आमरण अनशन पर बैठे साथियों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी| उसके बाद श्रम विभाग की मध्यस्थता में मारुती प्रबंधन से दो दौर की वार्ता हो चुकी हैं| आम जनता के सहयोग के बल-बुते पर हमने इतना तो हासिल कर लिया कि कल तक वार्ता से इंकार करनेवाला मारुती प्रबंधन वार्ताओं में आने को मजबूर हुआ हैं| लेकिन अभी भी हम समस्या के समाधान से कोसों दूर हैं| हरियाणा सरकार समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है|

हम जानते हैं कि जेल में बंद हमारे 147 साथियों की रिहाई का मामला सीधे तौर पर हरियाणा सरकार के हाथ में हैं| ‘गिरफ्तार मजदूरों की जमानत से गवाहों की जान को खतरा है’, वकीलों की इस झूठी दलील के कारण हमारे साथियों को जेल से जमानत तक नहीं मिल रही हैं| यह बात हरियाणा सरकार के हाथ में हैं की वह मामले की उच्चस्तीरय न्यायिक जांच कराए तथा मजदूरों पर लगे फर्जी मुकद्दमें तत्काल वापस ले। लेकिन हरियाणा सरकार ने मारूति प्रबंधन को खुश करने के अलावा अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। बल्कि वह मजदूरों को कोर्ट के धक्के खाने की नसीयत दे रहा है। कोर्ट में मजदूरों को परेशान करने के लिए हरियाणा सरकार खरबपति मारूति-सुजुकी का पक्ष रखने के लिए करोड़ो रुपये लेने वाला सरकारी वकील नियुक्त कर चुकी है। ऐसा करने का प्रमुख मकसद है की मजदूर कोर्ट में टिक न सकें। यदि हरियाणा सरकार, जो खुद को आम जनता की सरकार होने का दावा करती है, वास्तव में आम जनता की सरकार होती तो वह बेशुमार दौलत के मालिकों पर पेसा लुटाने की जगह गरीब मजदूरों के पक्ष से काबिल वकील का इंतेज़ाम करती| इससे कोर्ट में “बराबरी” से पक्ष रखा जा सकता, लेकिन मारूती प्रबंधन को खुश करने के लिए उसकी दलाल सरकार आम गरीब मजदूरों को भूली हुई है। आज जेल में बंद हमारे साथियों के परिवारों की स्थिति काफी दयनीय है। कई घरो की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है की वह जेल में अपने बच्चे से मिलने तक भी नही आ सकते हैं| वहीँ इस सदमे से कुछ परिवारों में परिजन स्वर्गवासी तक हो गये हैं। मारुति प्रबंधन द्वारा मजदूरों पर किए आघात का असर आज हरियाणा की पूरी मेहनतकश जनता को महसूस हो रहा है| 18 जुलाई के पश्चात फैक्ट्री में काम शुरू होने पर प्रबंधन ने हरियाणा क्षेत्र के एक भी मजदूर को काम पर नहीं रखा है| मारुति ही नहीं बल्कि आज इस औद्योगिक क्षेत्र के अधिकतर कम्पनियों द्वारा मजदूरों को और भी असहाय और दुर्बल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है|

18 जुलाई को मानेसर फैक्ट्री में जो कुछ हुआ वह एक षड्यंत्र था| इसकी न्यायिक जांच कीए बिना सैकड़ों मजदूरों को जेल में डाल देना व नौकरी से निकाल देना अन्यायपूर्ण ही नहीं बल्कि एक सरासर अपराध भी है। इस षड्यंत्र के शिकार बने अवनीश देव मजदूरों के हितैशी रहे थे और मजदूरों की उनसे कोई शत्रुता नहीं थी| मगर यह गौरतलब है कि जब किसी फैक्ट्री में एक मजदूर की मृत्यु हो जाती है तो किसी पर कोई आंच नहीं आती, परन्तु अगर प्रबंधन के किसी सदस्य की किसी दुर्घटना में भी मृत्यु हो जाए तो उसके लिए सरकार और प्रबंधनसैकड़ों मजदूरों को कड़ी से कड़ी सज़ा दे सकती है| क्या यही इन्साफ है?

वार्ता के दौरान जब हमने प्रबंधन से उन 426 मजदूरों को काम पर लेने की बात की जिनका नाम एस-आई-टी रिपोर्ट में नही है, तो मारूति प्रबंधन का कहना था कि एस-आई-टी की जांच तो अभी भी जारि है। 10 महीने में 147 मजदूरो को जेल में ठूसने और 66 मजदूरों के विरुद्ध गैरजमानती वारटं जारी करने के बावजुद एस आई-टी-की जांच अभी भी जारी है – इसका मतलब साफ है कि 546 वर्खास्त मजदूरों में से किसी को भी उठा कर सरकार द्वारा इसी केस में जेल भेजा जा सकता है, जैसा कि एस-आई-टी ने जनवरी में नेतृत्वकारी कमेटी के साथी ईमान खान को गिरफतर कर लिया। आखिर हरियाण सरकार चाहती क्या है? क्या वह हरियाणा की जनता के सामने झूठे वादे कर उन्हें गुमराह कर रही है?

इस मामले पर श्रम बिभाग की तरफ से हमें तारिख पर तारिख मिल रही है। हमें समाधान चाहिये तारीख नहीं।

साथियों, हरियाणा की मेहनतकश जनता, किसानों व नौजवानों के सहयोग से कैथल में हमारा यह धरना जारी है। अपके सहयोग से ही अभी तक हमें एक भी दिन बाज़ार से राशन खरीदना नही पड़ा है| हम आपके सहयोग के आभारी है। आप के सहयोग ने ही हरियाणा के मुख्यमंत्री को हमसे कुछ जगहों पर नरमी में बात करने को मजबुर किया। अपके सहयोग की वजह से ही कल इन्कार करनेवाले मारूती प्रबधंन को वार्ता में आना पड़ा।

हमें अपनी मांगो को जीतने के लिए आपके और भी ज्यादा सहयोग की जरूरत है। हरियाणा सरकार हमारी समस्याओं का समाधान निकाल ने की जगह, तारीख पर तारीख दिलाकर हमसे किए अपने सारे वादे तोड़ती आ रही है। अपने आन्दोलन को और तेज करने तथा आगे की योजना बनाने के लिए सरकार को अपनी एकजुटता का अहसास दिलाने के लिए हम 8 मई को कैथल जिला आयुक्त के कार्यालय में विशाल धरना और महापंचायत करने जा रहे है। आप सबसे अनुरोध है कि इस सभा में बढ़ – चढ़कर हिस्सेदारी करें।

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