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हमारे अनशन के पांचवें दिन पर समर्थन में आए विभिन्न जन संगठनों द्वारा जारी किया गया प्रेस नोट

April 1, 2013

प्रेस रिलीज़                                                                                              दिनांक: 01.04.2013

कैथल – मारुति सुजुकी मजदूरों के अनशन के पांचवे दिन जन संघर्ष मंच हरयाणा, इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांतिकारी नौजवान सभा, मनरेगा मजदूर यूनियन, बिगुल मजदूर दस्ता, निर्माण कार्य श्रमिक यूनियन, नैक्डोर, PUDR, समता मूलक महिला संगठन, स्त्री मजदूर संगठन, लाल झंडा भट्टा मजदूर संगठन, लोक स्वराज संगठन, छात्र संगठन SOSD आदि संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपायुक्त कैथल को अनशनकारी करमचारियों के संदर्भ में मिलने आए हैं| लेकिन उपायुक्त महोदय बात करने बाहर नहीं आए जिस पर उपस्थित सभी कर्मचारी भी उपायुक्त कार्यालय के सामने आ गए| रोषस्वरुप, कैथल के जनसंगठनों और अन्य व्यक्तियों ने उपायुक्त तथा पूरे जिला प्रशासन की उपेक्षा का बुरा मानते हुए कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठने का निर्णय लिया| वक्ताओं ने अनशनकारी मजदूरों को धरना स्थल से उठाने व उन पर व अन्य मजदूरों पर जान से मारने की धमकी देने तथा प्लाट पर अवैध कब्ज़ा करने जैसे झूठे मुक़दमे लगाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतान्त्रिक रूप से मजदूरों के हकों की लड़ाई पर हमला है| जब विभिन्न जन संगठन और मजदूर उपायुक्त कार्यालय पर 3 घंटे तक डटे रहे तब जा कर उपायुक्त को मजबूर हो कर नीचे आना पड़ा और मजदूरों के दबाव में अनशनकारी मजदूरों पर बने मुकदमों को जाँच के दौरान रद्द करने का आश्वासन दिना पड़ा| साथ ही एस.पी. को निर्देश दिया की वह मामले की जाँच कर मुक़दमे को रद्द करें और उनहोंने जनता के सामने मजदूरों को उपयुक्त कार्यालय के सामने बैठने की अनुमति दी| वक्ताओं ने कहा की मत्री रणदीप सुरजेवाला व सरकार पुलिस की मदद से भूख हड़ताल तुड़वाने की कुटिल चाल चल रहे हैं परन्तु मजदूर अपने मांगों पर अडिग हैं| मंत्रियों व सरकार को न कुछ दिखाई देता है न कुछ सुनायी देता है| मारुति के मैनेजमेंट ने पुलिस से मिल कर बेक़सूर करमचारियों को झूठे केस में षड्यंत्रपूर्ण ढंग से फंसा कर 147 मजदूरों को जेल में ठोक दिया है और 65 मजदूरों के गैर ज़मानती वारंट जारी करवा दिए हैं| मजदूरों की मांग है की हरयाणा सरकार सारी घटना की झूठी रिपोर्ट को ख़ारिज करके नए सिरे से निश्पक्ष व उच्चस्तरीय न्यायिक जाँच करवाए| सवाल है की हरयाणा सरकार जाँच करवाने से क्यों डर रही है| वजह साफ़ है कि सरकार की कंपनी प्रबंधन व भ्रष्ट पुलिस प्रशासन से मिलीभगत है| “नंबर वैन” हरयाणा का राग अलापने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मारुति कंपनी द्वारा सड़कों पर भूखे मरने के लिए छोड़ दिए गए मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं| उन्हें केवल जापानी लुटेरा सरमायेदार सुजुकी ही दिखाई दे रहा है| जिन मजदूरों ने करोड़ों का मुनाफा अपना खून पसीना बहाकर कमाया है उन्हें यूनियन बनाने का अपना कानूनी हक़ मांगने का दण्ड मिला — नौकरी से छुट्टी|

 

वक्ताओं ने सरकार व मंत्री रणदीप सुरजेवाला को चेतावनी दे कर कहा की समय रहते मारुति मजदूरों की जायज मांगों को तुरंत माना जाए व उनकी समस्या का समाधान निकला जाए और आमरण अनशन पर बैठे मजदूरों का अनशन खुलवाया जाए, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे| वक्ताओं ने कहा की सभी जन संगठन, ट्रेड यूनियन, छात्र, कर्मचारी व महिला संगठन इस आन्दोलन को प्रदेश स्तर पर ले कर जायेंगे, सरकार तुरंत मजदूरों की मांग माने व उचित कदम उठाए| प्रदर्शनकारियों ने आम जनता से संघर्षरत मारुति मजदूरों का साथ देने का आह्वान किया|

:

विभिन्न जन संगठनों द्वारा जारी

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